ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
दुर्ग

मां चंडिका मंदिर दुर्ग में ज्योति कलश विसर्जन कार्यक्रम संपन्न

  • दुर्ग | दुर्ग जिले के प्रसिद्ध मां चंडिका मंदिर में आज ज्योति कलश विसर्जन का आयोजन धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में आयोजित इस आयोजन में हजारों भक्तों ने भाग लिया और मां चंडिका की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

ज्योति कलश विसर्जन के दौरान, कलश में जल भरकर श्रद्धालुओं ने उसे मंदिर के पास स्थित जलाशय में विसर्जित किया। इस अवसर पर भक्तों ने मंत्रोच्चारण के बीच कलश यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। कलश यात्रा के साथ धार्मिक गीतों और भजनों का आयोजन किया गया, जो वातावरण को भक्ति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पुजारियों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और मां चंडिका के समृद्धि व आशीर्वाद की कामना की। इस अवसर पर दुर्ग के स्थानीय नागरिकों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे।

मां चंडिका मंदिर के ट्रस्टी और प्रबंधक समिति ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था की। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और मां चंडिका का आशीर्वाद लिया।

इस आयोजन ने दुर्ग जिले में धार्मिक सौहार्द और सामूहिक भक्ति की भावना को और भी मजबूत किया। भक्तों ने इस पर्व को खुशी और उल्लास के साथ मनाया और आगामी दिनों में भी मंदिर में ऐसे धार्मिक आयोजनों की कामना की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button